
..भेदby Dr Lakshmi Nandwana / June 19, 2020
बेवजह है रास्ते ढूँढना
भटकना ओर उन रास्तों में कोई चुनना
फिर किसी एक रास्ते में खो जाना ,
चलते चलना ,उठना ,गिरना ,
राहगिर पहचान ना !!
बेहतर है पानी बन जाना
बह जाना
रिस जाना
ढुल जाना
घुल जाना
पसर जाना
हर हाल में बेहतर है पानी हो जाना
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4 Comments
Laakh Take ki “baat” ♥️
😊😊
na ulze na samze bas baat kare..
Ji